गुरुवार, 21 जनवरी 2010

अलग मंत्रालय दे दो ना !

किसी से भी अनुरोध करने के अधिकार के तहत मैं
भारत की सरकार से अनुरोध करता हूँ .कि अपने
मंत्रालय में एक का इजाफा तो करे "मंहगाई मंत्रालय"
केवल मंहगाई मंत्रालय ही मंहगाई बढाने घटाने का
पुनीत कर्त्तव्य समय समय पर निभाता रहे .
इस मंहगाई में कृषि मंत्रालय संभालना कितना
मुश्किल का काम है ऊपर से टेढ़े मुंह से मंहगाई
की घोषणा '' दूध महंगा होगा "
ये रायता बनाना तो बंद करें पिलीज !

1 टिप्पणी:

रंजन ने कहा…

maar gayee mujhe teri 'Mahangaii'
das gayee re 'Mahangaii' .

dhatt..

chini - chor :)